मध्यप्रदेश विधानसभा ने भी श्री अग्रवाल के कार्यक्षमता, संसदीय ज्ञान, व्यवहार, जन समस्याओं को लेकर सदन में सक्रियता के कारण उन्हें 1997 में उत्कृष्ट विधायक घोषित किया ।
महामंडलेश्वर की उपाधि
राजनीतिज्ञ व्यक्ति की अध्यात्म में रूचि होना बहुत मुश्किल वाली बात हैै लेकिन श्री बृजमोहन इस मामले में भी अपवाद है। धर्मप्रेमी परिवार का होने के कारण प्रांरभ से ही उनकी साधु-संतो ंके प्रति अगाध श्रद्धा रहीं । राजिम कुंभ की शुरूआत और लगातार तीन वर्षो तक की सफलता के कारण आज वे साधु-संतों के लाडले हैं। ’राजिम कुंभ के समापन समारोह में प्रसन्न साधु-संतो ने उन्हें महामंडलेश्वर तक की उपाधि दे डाली।’ राजिम कुभ के समापन के कुछ दिनों पश्चात उन्होनें विधानसभा में मानसरोवर के यात्रिओं को अनुदान देने की बात कहकर धर्मप्रेमियों का दिन फिर से जीत लिया। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि नवगठिमत राज्य के हज-यात्रियों के लिए यह सुविधा पहले से थी। श्री अगवाल ने विधानसभा में यह भी कहा कि शासन द्वारा राज्य के मंदिरों का जीर्णोद्वार कराया जा रहा है। राजिम कुंभ हर साल आयोजित होगा और प्रत्येक 12 वर्ष में एक महाकुंभ का भी आयोजन होगा। तेज कदमों से चलने वाले इस धर्म-प्रेमी नेता ने लगभग हर मंदिर में कई बार परिक्रमा कर ली हैं। वे मानते है कि भारतीय मानस में पर्यटन का मतलब तीरथ करना होता है इसलिए वे तीर्थ पर्यटन के मामले मे कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।
उपलब्धियां
इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम
राजिम कुंभ
पुरखौती मुक्तांगन
१०० से अधिक स्थानों पर होटल/ मोटल/ पर्यटक सुविधाओ का विस्तार